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भैया सरकार बोले- अब शिप्रा शुद्ध करेंगे, छह जून को रामघाट से पहला सफाई अभियान
उज्जैन | 18 माह तक भूखे रहकर मप्र सरकार को नर्मदा शुद्धिकरण के लिए अभियान चलाने पर मजबूर करने वाले जबलपुर के समर्थ सदगुरु भैया सरकार अब उज्जैन की पुण्य सलिला शिप्रा को शुद्ध करने की मुहिम शुरू करने जा रहे हैं। इसमें वे सरकार और समाज के सहयोग से शुद्धिकरण अभियान चलाएंगे। भैया सरकार की अगुवाई में पहला सफाई अभियान रामघाट पर 6 जून को होगा।
मंगलवार को धार्मिक यात्रा पर उज्जैन आए सरकार ने भास्कर से चर्चा में यह बात कही। भैया जी सरकार ने कहा आम लोगों को इस अभियान से प्रेरित करने के लिए पहले 200 अनुयायियों के साथ वे रामघाट पर सफाई करेंगे। मां शिप्रा को 56 भोग लगाकर पूजन-अर्चन कर चुनरी चढ़ाएंगे। अगले चरण में सामाजिक संगठनों को जोड़कर क्रमबद्ध अभियान चलाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से भी जल्द ही भोपाल जाकर शिप्रा शुद्धिकरण पर विस्तार से चर्चा करने को कहा। सरकार से उज्जैन में जुड़े उनके अनुयायी अजित मंगलम ने बताया भैया जी अपने कुछ शिष्यों के साथ सोमवार रात उज्जैन आए। हरसिद्धि पाल स्थित हाटकेश्वर धाम में उन्हें ठहराया गया था। मंगलवार तड़के 4 बजे वे महाकाल की भस्मारती में शामिल हुए और सुबह 6.30 बजे बाद इंदौर के लिए रवाना हो गए। इंदौर में अनुयायी से मिलकर रात को वे वापस उज्जैन लौटे व कुछ देर हरिसिंह यादव, रवि राय सहित स्थानीय अनुयायियों से शिप्रा शुद्धिकरण को लेकर चर्चा की। सरकार ने बताया नर्मदा के बाद अन्य पवित्र नदियों जैसे गोर परियट एवं छिंदवाड़ा की कुलबेहरा नदी के शुद्धिकरण हेतु 5 वर्षों से पद यात्रा जारी है। आगे शिप्रा के लिए लड़ेंगे।
10 साल लड़े, तब झुकी प्रदेश सरकार
भैया जी सरकार नर्मदा जन जागरण, जन आंदोलन के प्रेरणास्रोत के रूप में जाने जाते हैं। नर्मदा जल शुद्धिकरण एवं संरक्षण के लिए 10 साल तक कारसेवा, पदयात्रा करने के बावजूद जब सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो फरवरी 2015 को अन्न त्याग कर सत्याग्रह शुरू कर दिया। फिर भी असर नहीं हुआ, तब उन्होंने भोपाल आकर जल त्यागने की चेतावनी दी। आखिरकार 19 जुलाई 2016 को गुरु पूर्णिमा के दिन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान खुद उनसे मिलने पहुंचे और आशीर्वाद लेकर नर्मदा शुद्धिकरण अभियान की घोषणा की। इसके बाद नर्मदा यात्रा निकाली, किनारों पर शराब दुकानें बंद करने का एेलान किया।